भोपाल। शाही औकाफ के कब्रिस्तान की जमीन पर मेट्रो परियोजना से जुड़ी 5 अक्टूबर की देर रात हुई कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल, मध्य प्रदेश ने पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर, भोपाल एवं पुलिस महानिदेशक, मध्य प्रदेश के समक्ष मामले को लेकर अपनी मांगें रखीं।

ज्ञापन में काउंसिल ने संवेदनशील मामले को देखते हुए शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि या एकतरफा कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग की।

काउंसिल ने कहा कि जब तक शाही औकाफ की जमीन और प्रस्तावित मेट्रो रूट से जुड़े विवाद का कानून के अनुसार समाधान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखी जाए।

ज्ञापन में भविष्य में ऐसी संवेदनशील धार्मिक एवं सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े किसी भी मामले में कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों को विधिवत सूचना देने और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की मांग की गई।

काउंसिल ने 5 अक्टूबर की देर रात हुई कार्रवाई की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। काउंसिल के अनुसार, यदि जांच में किसी अधिकारी द्वारा नियमों या कानूनी अधिकारों की अनदेखी किए जाने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल, मध्य प्रदेश ने स्पष्ट किया कि वह विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है। काउंसिल का कहना है कि मेट्रो जैसी विकास परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ऐसे कार्य संविधान, कानून और नागरिकों के वैधानिक अधिकारों का सम्मान करते हुए किए जाने चाहिए।

काउंसिल ने प्रशासन से मामले को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ देखते हुए सभी संबंधित पक्षों के अधिकारों को ध्यान में रखकर कानून के अनुरूप समाधान निकालने की अपील की है।