सिरोंज, जिला विदिशा | न्यूज़ मोहल्ला।
मस्जिदों में इमामत और अज़ान की जिम्मेदारी निभाने वाले इमामों एवं मुअज्जिनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में न्यूज़ मोहल्ला वेलफेयर फाउंडेशन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी उद्देश्य के साथ फाउंडेशन की इमाम-मुअज्जिन ख़िदमात टीम ने सिरोंज का दौरा किया और स्थानीय उलेमा-ए-किराम से मुलाकात कर रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण तथा इस मुहिम को विदिशा जिले में आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
इस पहल का मूल उद्देश्य उन इमामों और मुअज्जिनों की आर्थिक चुनौतियों को कम करना है, जो धार्मिक सेवाओं के साथ अपने परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। कई मस्जिदों में मिलने वाला सीमित मानदेय घर का खर्च, बच्चों की शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हो पाता। ऐसे में अतिरिक्त आमदनी का स्थायी साधन उपलब्ध कराना उनके लिए राहत और आत्मनिर्भरता का रास्ता बन सकता है।
फाउंडेशन की सोच है कि इमाम और मुअज्जिन मस्जिद की खिदमत भी जारी रखें और अपने हुनर के जरिए परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां भी बेहतर तरीके से निभा सकें।
27 दुकानें खुलवाने में सहयोग, तकनीकी प्रशिक्षण से रोजगार की पहल
न्यूज़ मोहल्ला वेलफेयर फाउंडेशन ने इसी सोच के साथ भोपाल से इमाम-मुअज्जिन रोजगार मुहिम की शुरुआत की। फाउंडेशन के अनुसार, इस पहल के तहत अब तक 27 दुकानें खुलवाने में सहयोग किया गया है। इसके साथ ही इमामों और मुअज्जिनों को सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉलेशन एवं रिपेयरिंग, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और माइक्रोवेव रिपेयरिंग का तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया गया है।
इस पहल के जरिए उन्हें ऐसे व्यावहारिक हुनर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिनकी मदद से वे स्वरोजगार शुरू कर सकें या तकनीकी सेवाएं देकर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर सकें। फाउंडेशन का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित रहना नहीं, बल्कि लोगों को अपनी आजीविका बेहतर बनाने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करना है।
फाउंडेशन का मानना है कि आर्थिक रूप से सक्षम होने से इमामों और मुअज्जिनों को अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही, वे मस्जिदों में अपनी धार्मिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए सम्मानजनक तरीके से अतिरिक्त रोजगार भी कर सकेंगे।
आठ महीने की मुहिम, अब प्रदेश के 52 जिलों तक पहुंचने का लक्ष्य
फाउंडेशन के मुताबिक, यह मुहिम पिछले आठ महीनों से लगातार संचालित की जा रही है। अब इस पहल को भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर मध्य प्रदेश के सभी 52 जिलों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी क्रम में विदिशा जिले की जिम्मेदारी आज़म अली खान को सौंपी गई है। सिरोंज दौरे के दौरान टीम ने स्थानीय उलेमा-ए-किराम के समक्ष अपनी मुहिम का उद्देश्य रखा और जिले में जरूरतमंद इमामों एवं मुअज्जिनों को हुनर तथा रोजगार से जोड़ने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
इस पहल के अगले चरण में स्थानीय जरूरतों को समझने, इच्छुक लोगों की पहचान करने और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर प्रशिक्षण एवं रोजगार की कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। फाउंडेशन की कोशिश है कि इस अभियान को स्थानीय स्तर पर सहयोग और सहभागिता के साथ आगे बढ़ाया जाए।
आर्थिक मजबूती से धार्मिक सेवाओं को निरंतर रखने की कोशिश
फाउंडेशन की यह पहल एक महत्वपूर्ण सामाजिक जरूरत की ओर ध्यान दिलाती है। इमाम और मुअज्जिन मस्जिदों में धार्मिक सेवाएं देने के साथ अपने परिवारों की जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। यदि उनकी आय के साधन मजबूत हों, तो उन्हें आर्थिक परेशानियों से निपटने में मदद मिल सकती है और वे अपनी धार्मिक सेवाएं जारी रखते हुए परिवार की जरूरतों पर भी बेहतर ध्यान दे सकते हैं।
न्यूज़ मोहल्ला वेलफेयर फाउंडेशन का प्रयास है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी इमाम या मुअज्जिन को अपनी आजीविका और धार्मिक जिम्मेदारियों के बीच मजबूरी में चुनाव न करना पड़े। इसके लिए तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों को माध्यम बनाया जा रहा है।
हुनर से रोजगार, रोजगार से आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भरता के साथ मस्जिदों की खिदमत-इसी सोच के साथ न्यूज़ मोहल्ला वेलफेयर फाउंडेशन की इमाम-मुअज्जिन ख़िदमात टीम अपनी मुहिम को आगे बढ़ा रही है। सिरोंज का दौरा इसी पहल को विदिशा जिले में विस्तार देने की दिशा में एक कदम है, जबकि प्रदेश के सभी 52 जिलों तक पहुंचना फाउंडेशन का दीर्घकालिक लक्ष्य है।